राहु गृह के उपाय……….

राहु गृह के उपाय……….

  1. मंत्र :- “ॐ रां राहवे नमः ॐ कें केतवे नमः”  इस मंत्र के 18000 जप विधि पूर्वक करना या करवाना चाहिए |

(कलयुग में जप संख्या 4 गुना होती है अर्थात 72000)

  1. साठे पांच रत्ती का गोमेद, लाजवर्त सोने या चांदी की अंगूठी में बना कर विधि पूर्वक  पहने !!!

(ज्योतिष की सलाह की बिना नहीं पहने!)

  1. भैरव जी के मंदिर जाकर भैरव जी के दर्शन करें रविवार को ! उड़द की दाल की इमारती या कचोरी का प्रसाद चढ़ाएं स्वयं ग्रहण करें औरों को भी बाटें !
  2. सरसों के तेल का दीपक जला कर हनुमान चालीसा , हनुमान अष्टक, बजरंग बाण का हनुमान जी के मंदिर में ही बैठ कर पाठ करें व राहू देव के कष्टों से बचने की प्रार्थना करें ! प्रति दिन नहीं कर पायें तो मंगलवार व शनिवार को तो अवश्य ही करें !
  3. 108 बार राम राम लिख कर काट लें और इन 108 राम लिखे कागज़ की गोलियां बनाकर आटे की गोलियों में डालें तथा इसे पानी में डाल कर आयें जहाँ जलीय जानवर इनको खा सकें ! ये प्रयोग ब्रहस्पतिवार या शनिवार की शाम को करें !
  4. सबसे सरल उपाय है राहू को प्रसन्न करने का दरिद्र कोढियों की सेवा करें उनकी बस्तियों में जाएँ खाना , दवाइयां, वस्त्र आदि दान करें !
  5. जौ को दूध में धोकर घर के अँधेरे कोने में रख दें व हर वर्ष ये विधि दोहराएँ तथा पुराने जौ को जल में बहा दें!
  6. जौ कोदूध में धोकर को जल में बहा दें !
  7. यह प्रयोग ब्रहस्पतिवार या शनिवार को शाम के समय करें ! जटाओं वाला नारियल, बादाम की गिरी मुट्ठी भर (8-10 बादाम) आपने ऊपर से 21बार उतारें और बहते पाने की दिशा में जल प्रवाह कर दें ! जब ये बह कर जाते हुवे देखें तो भगवान् से प्रार्थना करें की मेरे पर राहू, केतु व अन्य गृह दोषों  के कारण होने वाले सभी कष्ट और प्रकोपों से मेरी रक्षा करें ! याद रहे प्रयोग करने के बाद पीछे मुड़कर पानी की ओर नहीं देखना है और कोई भी आवाज़ आये तो भी नहीं देखना है {पीछे की ओर या बहते पानी की ओर}…………..!!!

( अगर बहता पानी नहीं मिले तो उस अवस्था में  नारियल बादाम को हनुमान जी के मंदिर में भगवान जी के चरणों में रखवा कर कष्टों से रक्षा करने की प्रार्थना करें !)

  1. नारियल गिरी (खोपरा) में पञ्च मेवा (दो दो दाने बहुत हैं) तथा 300 आटे की पंजीरी या कसार भरकर भगवान के सामने कार्य पूरा करने हेतु संकल्प करें ! सोमवार की रात को आपने सिरहाने के पास रख कर सोयें तथा मंगलवार को प्रातः 4-5 बजे जाकर पीपल के पेड़ की जड़ में दबा कर आ जाएं और हाथ पैर धो कर घर में घुसें ! याद रहे हो सके तो जाते आते किसी से बात न करें !
  2. राहू  गृह के कष्ट से हनुमानजी रक्षा करते हैं अतः हनुमान जी के मंदिर में चोला चढ़ाएं या चोले का सामान अर्पित करें !
  3. आटे की गोलियां बना कर जलीय प्राणियों को पानी के किनारे बैठ कर खिलाएं ! हर बार गोली पानी में डालते समय मंत्र “”ॐ राम राहवे नमः”” का जप करते रहें ! मांसाहार का त्याग ज़रूरी है ! कम से कम कोई भी जलीय प्राणी को खाएं ! क्यों की उनको तो पालना है और सेवा करनी है !
  4. मोरपंख झाड़ू से उतरा करें !
  5. मोर पंख कलगी को अपने पर्स में रखें !

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